धर्मोरक्षति - आचार्य चतुरसेन राजनीति में पारंगत कर्मयोगी कृष्ण और भावना की साकार प्रतिमा राधा का जेईसा चित्रण 'धर्मोरक्षति"में हुआ है, वैसा अन्यत्र दुर्लभ है।
इसके साथ ही गंधारी और द्रौपदी के तपे हुए जीवन की विलक्षण कथा वास्तव में यह सोचने को बाध्य करती है की महाभारत काल की ये दोनो नारिया महान थी।
आचार्य चतुरसेन की सशक्त लेखनी से प्रस्तुत यह उपन्यास अचरज और जिज्ञासा को अंत तक बनाए रखता है।